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पटना में DRI की बड़ी कार्रवाई, पिकअप वैन से 7500 बोतल कोडीन कफ सिरप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

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पटना में DRI की बड़ी कार्रवाई में 7500 बोतल कोडीन कफ सिरप बरामद हुआ। राजेंद्र नगर टर्मिनल परिसर से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है।

पटना/आलम की खबर:पटना में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई राजधानी के राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन परिसर के पास की गई, जहां टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वैन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान जो खुलासा हुआ उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया।

पिकअप वैन के भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया। कुल मिलाकर वैन से 7500 बोतलें कोडीन कफ सिरप जब्त की गईं, जिसे नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, डीआरआई को पहले से ही गुप्त सूचना मिली थी कि राजेंद्र नगर टर्मिनल के आसपास से नशीले कफ सिरप की एक बड़ी खेप को पास कराने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में पहले से ही जाल बिछा रखा था और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही पिकअप वैन वहां पहुंची, टीम ने उसे रोककर जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान वैन के अंदर रखे गए बक्सों को खोला गया तो उसमें बड़ी संख्या में कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलें पाई गईं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इस सिरप का उपयोग मेडिकल जरूरतों के बजाय नशे के रूप में किया जाता है और इसे अवैध बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।

इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब गिरफ्तार तस्करों से दस्तावेजों की जांच की गई। पूछताछ और कागजातों के सत्यापन में पाया गया कि जिस कंपनी के नाम पर यह माल मंगवाया गया था, उसका ड्रग लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका है। इसके बावजूद बड़े स्तर पर इस प्रतिबंधित दवा की सप्लाई जारी रखी गई थी।

इसके अलावा दस्तावेजों में जिस पते पर माल की डिलीवरी दिखाई गई थी, डीआरआई टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में वहां किसी भी प्रकार की कंपनी या कार्यालय का अस्तित्व नहीं मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि पूरा नेटवर्क फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के आधार पर संचालित किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जब्त किए गए कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट जैसे नियंत्रित और नशीले तत्व मौजूद हैं, जो अत्यधिक खतरनाक माने जाते हैं। इस प्रकार की दवाओं का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत बढ़ने का खतरा और अधिक गंभीर हो जाता है।

डीआरआई अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। शुरुआती संकेतों के अनुसार, इस तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों में इस तरह की प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई करता है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत कर दिया गया है। प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पटना में हुई यह कार्रवाई नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो यह दिखाती है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

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